गुरुवार, 14 मई 2020

त्रियुगी-नारायण, उत्तराखण्ड (जहाँ भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था)

                


           त्रियूगी-नारायण मंदिर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज़िले के त्रियूगी नारायण गाँव में स्थित है| यहाँ भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था इस विवाह में भगवान नारायण ने माँ पार्वती के भाई बन कर और ब्रह्मा जी ने विवाह में पुरोहित बन कर इस विवाह में अपने कर्तव्य का निर्वाह किया था| कहा जाता है कि शिव-पार्वती के विवाह में प्रज्वलित वेदी अभी तक युगों-युगों से प्रज्वलित है| यह स्थान बहुत ही सुंदर, मन को शांति देने वाला और काफ़ी उँचाई पर है| इस की उँचाई समुद्र तल से 1980 मीटर है| मंदिर के परिसर में सरस्वती गंगा धारा बहती है और यहाँ रुद्रकुंड. ब्रह्मकुंड, सरस्वती कुंड और विष्णु कुंड हैं| यहाँ सरस्वती कुंड में पित्र तर्पण का बहुत महत्व है| यहाँ आए यात्री हवनकुंड से राख भगवान शिव के आशीर्वाद के रूप में ले कर जाते हैं| हरिद्वार से त्रियूगी-नारायण की दूरी लगभग 240 किलोमीटर है| यह मंदिर श्री नारायण मंदिर है ना की शिव मंदिर, जैसा की अक्सर लोग समझते हैं|

कोई टिप्पणी नहीं:

टिप्पणी पोस्ट करें